
वो भयानक राक्षस जिनसे डरते थे भगवान कृष्ण
इस स्थान की आधुनिक गुरु परंपरा में श्री श्री 108श्री बालकृष्ण दास जी महाराज का नाम परम आदरणीय है। वे इस स्थान के अत्यंत तेजस्वी और भगवद्-प्राप्त संत थे

इस स्थान की आधुनिक गुरु परंपरा में श्री श्री 108श्री बालकृष्ण दास जी महाराज का नाम परम आदरणीय है। वे इस स्थान के अत्यंत तेजस्वी और भगवद्-प्राप्त संत थे

ब्रज मंडल के पावन धाम नंदगांव में स्थित श्री टेर कदम्ब केवल एक स्थल नहीं, बल्कि साक्षात द्वापरयुग की दिव्य लीलाओं का जीवंत केंद्र है।

राजा सवाई जयसिंह की सभा में मात्रा 10 वर्ष की आयु में श्री वंशी अली जी ने अपनी विद्वत्ता का ऐसा परिचय दिया कि राजा जयसिंह ने इन्हें अपने गुरु-तुल्य स्थान दिया

भगवान शिव जिस स्थान पर बैठकर दर्शन की 'आशा' में प्रतीक्षा कर रहे थे, उसी स्थान को आशेश्वर कहा गया।