Khabar for India

Featured

संगीत और शास्त्रों की अधिष्ठात्री: श्री तुंगविद्या सखी का दिव्य जीवन चरित्र
·अष्ट सखी बरसाना·By प्रमोद कुमार शुक्ला

संगीत और शास्त्रों की अधिष्ठात्री: श्री तुंगविद्या सखी का दिव्य जीवन चरित्र

तुंगविद्या जी का शारीरिक वर्ण (रंग) कुंकुम (लाल केसरिया) और चन्दन के मिश्रण के समान कांतिमान है। उनकी आभा सूर्य की किरणों जैसी प्रखर और शीतल है। वे 'पांडु' (हल्के पीले या क्रीम) रंग के अत्यंत महीन और सुंदर वस्त्र धारण करती हैं।

प्राणाधार बाबा श्री श्याम दास जी महाराज – भाग 2 (गुरु मिलन और साधना)
·वर्तमान संत भक्तमाल·By प्रमोद कुमार शुक्ला

प्राणाधार बाबा श्री श्याम दास जी महाराज – भाग 2 (गुरु मिलन और साधना)

कुछ साधुओं की सहायता से वे बाबा तक पहुँचे और दीक्षा की याचना की, परंतु विष्णु दास बाबा महाराज ने स्पष्ट मना कर दिया। वे अत्यंत विरक्त संत थे

प्राणाधार बाबा श्री श्याम दास जी महाराज (संकेत वट, बरसाना) – भाग 1
·वर्तमान संत भक्तमाल·By प्रमोद कुमार शुक्ला

प्राणाधार बाबा श्री श्याम दास जी महाराज (संकेत वट, बरसाना) – भाग 1

कोट-पेंट, हाथ में बंधी कीमती घड़ी और अपनी सामाजिक वेशभूषा में ही वे तत्काल वृंदावन की ओर दौड़ पड़े। वृंदावन पहुँचकर उन्होंने अपनी पुरानी पहचान को त्याग दिया और धोती-माला

सुगंध और स्वाद की स्वामिनी: श्री चम्पकलता सखी का दिव्य जीवन चरित्र
·अष्ट सखी बरसाना·By प्रमोद कुमार शुक्ला

सुगंध और स्वाद की स्वामिनी: श्री चम्पकलता सखी का दिव्य जीवन चरित्र

चम्पकलता जी का शारीरिक वर्ण (रंग) खिलते हुए 'पीले चम्पा' के पुष्प के समान है। उनकी देह से सदैव चम्पा के फूलों जैसी मनमोहक सुगंध आती रहती है।

Latest From Topics