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वृषभानुपुर का वैभव एतिहास एवं आध्यात्मिकता का केंद्र बिंदु
·84 कोस धाम·By प्रमोद कुमार शुक्ला

वृषभानुपुर का वैभव एतिहास एवं आध्यात्मिकता का केंद्र बिंदु

भगवान श्री कृष्ण के गोलोक गमन के पश्चात ब्रजमंडल की भौतिक लीलास्थली राजा परीक्षित के संरक्षण में आई।

श्री राधा संकेत बिहारी जी मन्दिर का इतिहास एवं जीवंत परंपराएं
·84 कोस धाम·By प्रमोद कुमार शुक्ला

श्री राधा संकेत बिहारी जी मन्दिर का इतिहास एवं जीवंत परंपराएं

"संकेतये कल्पतरु प्रसूने, राधा मुकुन्दो मिलतो यत्र।" अर्थात्, जहाँ कल्पवृक्षों की छांव में राधा और मुकुंद का गुप्त मिलन और रास संपन्न हुआ, वही संकेत भूमि है।

कृष्ण युग का साक्षी नंदभवन जहां आज भी दिखता है नंदबाबा का वैभव
·84 कोस धाम·By प्रमोद कुमार शुक्ला

कृष्ण युग का साक्षी नंदभवन जहां आज भी दिखता है नंदबाबा का वैभव

सखियों और गोपियों के मटके फोड़ना, माखन लूटना और कल्पवृक्ष की छांव में बांसुरी बजाना यहाँ की नित्य लीला थी।

श्रीकृष्ण का कोकिला स्वरूप और शनिदेव की तपोस्थली अद्भुत है कोकिलावन का इतिहास!
·बृजमंडल : द्वादश वन·By प्रमोद कुमार शुक्ला

श्रीकृष्ण का कोकिला स्वरूप और शनिदेव की तपोस्थली अद्भुत है कोकिलावन का इतिहास!

शनिदेव की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें इसी वन में कोकिला' (कोयल) के रूप में दर्शन दिए। श्रीकृष्ण के कोयल रूप में प्रकट होने के कारण ही इस पवित्र वन का नाम 'कोकिलावन' पड़ा।

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