
अपरा एकादशी 2026: अपार पुण्यों की प्राप्ति और समस्त पापों का नाश करने वाला महाव्रत
प्राचीन काल में महीध्वज नाम के एक धर्मात्मा राजा थे। उनका छोटा भाई 'वज्रध्वज' अत्यंत क्रूर, अधर्मी और अपने बड़े भाई से द्वेष रखने वाला था।

प्राचीन काल में महीध्वज नाम के एक धर्मात्मा राजा थे। उनका छोटा भाई 'वज्रध्वज' अत्यंत क्रूर, अधर्मी और अपने बड़े भाई से द्वेष रखने वाला था।

धन्य धन्य नरहरि गुरु, ज्ञान रूप अवतार। तुलसी से जगमग किये, दे भक्ति को सार

श्रीवास आंगन धन्य है, जहाँ नाचे गौर निताई। भक्ति शक्ति परकट भई, कलिमल दियो नसाई ॥

रूपलाल जी को भक्ति और शास्त्र ज्ञान विरासत में मिला था। उनके पूर्वजों ने श्री राधावल्लभ लाल की सेवा को ही अपना जीवनोद्देश्य माना था। रूपलाल जी ने अल्पायु में ही संप्रदाय के..